गर्मियों में ठंडी-ठंडी होममेड बटरस्कॉच आइसक्रीम

गर्मियों में ठंडी-ठंडी होममेड बटरस्कॉच आइसक्रीम

गर्मियों में ठंडी ठंडी होममेड बटरस्कॉच आइस क्रीम

सबकी पसंदीदा बटर स्कॉच आइसक्रीम अब घर पर आसानी से बनाकर खिलाएं और वाहवाही पाएं।

आवश्यक सामग्री – 

फ्रैश क्रीम ( ताजा क्रीम ) – 2 पैकट (400 मि . ली)

कंडेंस्ड मिल्क – 1/2 कप (200 मि.ली.) 

मक्खन –2 छोटी चम्मच

चीनी –1/2 कप (100 ग्राम) –

• काजू –10-12

• बटर स्कॉच एसेन्स – 1 छोटी चम्मच 

 बटर स्कॉच आइसक्रीम बनाने की विधि (How to make Butte Scotch Ice Cream)  बटरस्कॉच आइसक्रीम के स्वीट क्रंच बनाने के लिए एक बरतन में चीनी डालकर इसे गैस पर रखिए। चीनी के पिघलने तक इसे लगातार चलाते हुए तेज आंच पर पका लीजिए।

चीनी के पूरी तरह पिघल जाते ही, गैस बंद कर दीजिए। इसमें काजू और मक्खन डालकर अच्छे से मिक्स कर लीजिए। तैयार मिश्रण को किसी प्लेट में निकाल लीजिए और इसे 15 से 20 मिनिट के लिए रख दीजिए ताकि यह जम जाए।

क्रंच के जम जाने पर इसे प्लेट से निकालकर टुकड़े कर लीजिए। फिर, इसे किसी पॉलीथीन बैग में डालकर कूटकर बारीक कर लीजिए। गर्मियों में ठंडी-ठंडी होममेड बटरस्कॉच आइसक्रीम

ताजा क्रीम को हैंड ब्लैंडर की मदद से पहले 3 मिनिट कम स्पीड पर फैंट लीजिए। फिर इसमें कंडेंस्ड मिल्क डाल कर इसे एक बार फिर से ब्लैंडर की मदद से फैंट लीजिए।

क्रीम को 5-6 मिनिट व्हिप कर लेने के बाद यह हल्की से गरम हो रही हो तो इसे ठंड़ा करने के लिए बर्फ के प्याले में रखें ओर अच्छे से व्हिप कर लीजिए। क्रीम और कंडेंस्ड मिल्क के अच्छे से व्हिप होने के बाद इस मिक्सचर को ठंडा होने के लिए फ्रीजर में 2 घंटे रख दीजिए। गर्मियों में ठंडी-ठंडी होममेड बटरस्कॉच आइसक्रीम

2 घंटे में मिक्सचर के सैट होने पर इसे फिर से 2 मिनिट व्हिप कर लीजिए। इसमें 4 छोटी चम्मच क्रंच डालकर इसे फिर से व्हिप कर लीजिए। फिर, इसमें 4 छोटी चम्मच क्रंच और डालकर मिक्स कर दीजिए।

इस मिक्सचर को एअर – टाइट कन्टेनर में डाल लीजिए। इसके ऊपर थोड़ा सा क्रंच डालिए और ढक्कन बंद करके इसे फ्रीजर में 7 से 8 घंटे या रात भर जमने के लिए रख दीजिए।

एकदम सॉफ्ट बटर स्कॉच आइसक्रीम जमकर तैयार है। इसे सर्व करने के लिए प्याले में निकालिए और इसके ऊपर थोड़ा सा क्रंच डाल दीजिए।

इतनी सामग्री में 1 लीटर से भी अधिक यानी कि दुगुनी से भी ज्यादा आइसक्रीम बनकर तैयार हो जाती है।

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सुझाव क्रंच बनाने के लिए कोई भी भारी तले का बर्तन ले सकते हैं। इसके लिए नॉन स्टिक बर्तन ना लें क्योंकि चीनी बहुत अधिक तापमान पर पिघलती है और इससे बर्तन के खराब होने की आशंका रहती है।

क्रीम और कन्डेंस्ड मिल्क दोनों को ही एकदम ठंडा – ठंडा तुरंत फ्रिज से निकालकर ही यूज करें। कंडेंस्ड मिल्क मीठा होता है, इसलिए क्रीम में चीनी मिलाने की आवश्यकता नही है।

आइसक्रीम को अधिक नरम बनाने के लिए मिक्सचर को फ्रीजर में रखकर और फिर से फैंटना जरूरी होता है। अगर आप इसमें यैलो फूड कलर डालना चाहे, तो 1 से 2 बूंदें यैलो फूड कलर की डालकर इसे व्हिप कर सकते हैं।

आइसक्रीम के अच्छे से व्हिप होने के बाद इसमें क्रंच मिलाएं। अगर क्रीम पतली हो, तब क्रंच मिला दिए जाएं तो क्रंच इसमें घुलने लग जाता है और तले पर जाकर बैठ जाता है। आइसक्रीम को एअर – टाइट कन्टेनर में जमाएं। इसके ऊपर आइस क्रिस्टल नही आएंगे।

गर्मियों में ठंडी-ठंडी होममेड बटरस्कॉच आइसक्रीम

सबकी पसंदीदा आइसक्रीम का इतिहास- मौसम कोई सा भी हो आइसक्रीम खाने का मजा ही अलग होता है । लेकिन क्या आप जानते हैं । आइसक्रीम के इस रूप को हमारी प्लेट तक आने में हजारों सालों का वक्त लगा है । अलग – अलग देशों और सभयताओं में इस कूल सी डेजर्ट को तैयार किया गया है । स्वाद से लेकर बनाने के तरीके से गुजरते हुए आज कई सारे फ्लेवर में आइसक्रीम हमारी आपके हाथ में होती है । तो चलिए जानें क्या है इस सबसे पसंदीदा और कूल – कूल आइसक्रीम के जन्म की कहानी ।

सबसे पहले भारतीयों की बात करें तो करीब पांच सौ सालों से भारतीय कुल्फी का मजा ले रहे हैं । कुल्फी के पीछे भी कहानी है कि बादशाह अकबर को खुश करने के लिए ठंडे डेजर्ट को बनाया गया था । जिसकी रेसिपी आइने अकबरी और अकबरनामा जैसे साहित्य में लिखी गई है । अकबर को खुश करने के लिए बर्फ लाने के लिए घुड़सवारों के बीच रेस रखी गई थी । जो हिमाचल के चूर चंद्र धार से बर्फ के टुकड़े लाने गए थे ।

हालांकि अगर आइसक्रीम के जन्म की बात करें तो कुल्फी शब्द एक पारसी शब्द है । जिससे जाहिर होता है कि कुल्फी का जन्म सबसे पहले ईरान या पारस में हुआ होगा । कुल्फी आमतौर पर कंडेस्ड फ्लेवर्ड दूध से बनाई जाती है । जिसे किसी धातु के कंटेनर में बंदकर जमाया जाता है । वहीं दूसरी तरफ छठी शताब्दी ईसा पूर्व से ही ईरानी फलों के जूस को बर्फ में मिलाना जानते थे । ग्रीक और अरब के साथ ही ये ठंडी आइसक्रीम पश्चिम तक पहुंची ।

वहीं फ्रांस का शासक नीरो भी फलों के रस से बनीं आइसक्रीम खाता था । वहीं चीन के राजा पांच हजार ईसा पूर्व कुल्फी जैसी डिश खाते थे । वहां के युवराज झांगहुई के मकबरे पर बनीं पेंटिंग में कुछ महिलाएं आइसक्रीम खाती बनी हैं । वहीं इटली की राजकुमारी ने अपने विवाह के बाद फ्रांस में कुछ इटेलियन शेफ लाई थी । जो बर्फ से बनीं रेसिपी जानते थे ।

वहीं अमेरिका में क्वेकर मूवमेंट के लोग आइसक्रीम को लेकर आए . जो इंग्लैंड से आकर यहां बसे थे । बेंजामिन फ्रेंकलिन और जॉर्ज वाशिंगटन आइसक्रीम पसंद करने वाले थे । जो इसे खाने के साथ ही अपने मेहमानों को जरूर सर्व करवाते थे । 1851 में इंसुलेटेड आइस हाउस के अविष्कार के बाद आइसक्रीम बड़े पैमाने पर बनाई जाने लगी । जिसके बाद ये आम आदमी के पहुंच तक हो गई ।

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