बसंत पंचमी पर सरल निबंध हिंदी में

बसंत पंचमी पर सरल निबंध हिंदी में
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बसंत पंचमी पर सरल निबंध हिंदी में

सरस्वती देवी , विद्या , संगीत एवं कला की देवी है , जिन्हें भारत में बहुत मुख्य माना जाता है। सरस्वती देवी त्रिदेवी लक्ष्मी , पार्वती में से एक हैं।बसंत पंचमी के दिन बसंत ऋतू का आगमन होता है । इस दिन ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा होती है । आज हम बसंत पंचमी पर निबंध के माध्यम से इस त्यौहार के बारे में  छोटी सी जानकारी देने जा रहे हैं। पंचमी का यह त्यौहार हिंदुओं द्वारा बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता हैं । बसंत पंचमी को  सरस्वती पंचमी के नाम से या ऋषि पंचमी के नाम से भी जाना जाता है।

प्रस्तावना- बसंत पंचमी का अर्थ  है- बसंत + पंचमी =  बसंत पंचमी। बसंत से, बसंत ऋतु और पंचमी से पांचवा दिन है । आसान शब्दों में कहें तो बसंत पंचमी यानी की बसंत ऋतु के पांचवे दिन को मनाया जाता है । माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है । इस दिन महिलाएं पीले वस्त्र पहनती हैं । बसंत ऋतु सबसे लोकप्रिय ऋतु है । इस ऋतु में प्रकृति का सौंदर्य हमारे मन को मोह लेता है । बसंत ऋतु का स्वागत करने के लिए इस दिन भगवान विष्णु और कामदेव की पूजा होती है।

सरस्वती को एक पवित्र नदी एवं भगवान् की मूरत दोनों के रूप में पूजा जाता है। सरस्वती को वेदों की माता माना गया है। भारत से बाहर नेपाल , म्यांमार , जापान , कंबोडिया , थाईलैंड , वियतनाम एवं इण्डोनेशिया में भी सरस्वती देवी की पूजा की जाती है ।

बसंत पंचमी का शुभ समय- हिन्दू कैलेंडर के अनुसार , यह उत्सव माघ महीने के शुक्ल पक्ष के पंचमी तिथि को मनाया जाता है । इस महीने में पेड़ पौधे , फूल और सरसो के पीले खेत मन को भा जाते है । इस मौसम में ना ज़्यादा गर्मी होती है और ना अधिक सर्दी । बसंत पंचमी पर सरल निबंध हिंदी में

सुहावनी और सुगन्धित हवा इस मौसम में चार चाँद लगा देती है । बसंत पंचमी का मन भावन त्यौहार ऐसे ही मौसम में मनाया जाता है । बसंत ऋतू को कई लोग ऋतुराज भी कहते है । गर्मियों का मौसम आने से पहले मार्च से लेकर मई महीने तक बसंत ऋतू रहता है ।

इस मौसम में कोयल गाना गाती है । इस मौसम में रंग बिरंगे फूल खिलते है और खुशबू चारो ओर फैल जाती है । पेड़ो पर नए पल्लव और कोपले आती है । जब बसंत आता है , तो प्रकृति जैसे प्रफुल्लित हो उठती है ।

बसंत पंचमी के दिन पीला वस्त्र क्यों पहनते हैं? बसंत त्यौहार पर पीले रंग का प्रभाव अधिक रहता है. बसंती रंग पीले रंग का होता है । पीला रंग ख़ुशी , समृद्धि , ऊर्जा और रोशनी का प्रतीक है। पीले रंग का फूल और पीले रंग की मिठाईयों को देवी सरस्वती के आगे चढ़ाया जाता है । बसंत पंचमी के इस पवित्र मौके पर ज्यादातर पीले रंग का स्वादिष्ट भोजन बनता है , जिसे लोग आनंद से ग्रहण करते है। बसंत पंचमी पर सरल निबंध हिंदी में

बसंत पंचमी मनाने का पौराणिक कारण- पौराणिक कथाओ के मुताबिक इस दिन का इतिहास प्रसिद्ध कालिदास से जुड़ा हुआ है । कालिदास ने एक सुन्दर राजकुमारी से विवाह किया था । राजकुमारी ने उसकी निंदा की , जब उसे ज्ञात हुआ कि कालिदास बेवकूफ है । कालिदास इससे आहत हुए और आत्महत्या करने के लिए जलाशय के पास गए । तभी देवी सरस्वती जल से प्रकट हुयी और उन्हें उस जल में डुबकी लगाने को कहा । कालिदास ने वैसे ही किया । उसके बाद से वह साहित्य से जुड़े और श्रेष्ठ कविताएं लिखने लगे तथा अपनी पत्नी को गलत साबित किया था । इसी तरह बसंत पंचमी को विद्या की देवी सरस्वती की लोग आराधना करते है ।

मां सरस्वती की संस्कृत वंदना 

या कुन्देन्दुतुषारहारधवला, या शुभ्र वस्त्रावृता ।

या वीणावरदण्डमण्डितकरा, या श्वेतपद्मासना ।

या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता।

सा मां पातु सरस्वती भगवती, निःशेषजाड्यापहा ॥

अर्थातः जो विद्या देवी कुंद के पुष्प,शीतल चन्द्रमा , हिमराशि और मोती के हार की तरह श्वेत वर्ण की है और जिन्होंने श्वेत वर्ण के वस्त्र धारण किये हुए है , जिनके हाथ में वीणा शोभायमान है और जो श्वेत कमल पर विराजित हैं तथा ब्रह्मा , विष्णु और महेश और सभी देवता जिनकी नित्य वन्दना करते है वही अज्ञान के अन्धकार को दूर करने वाली माँ भगवती हमारी रक्षा करें |

उपसंहार- बसंत पंचमी महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है , जो पूरे देश में खुशियां भर देता है । इस त्यौहार की सुंदरता और चमक देखते ही बनती है । माँ सरस्वती का आशीर्वाद पाने के लिए सभी छात्र और लोग उत्सुक रहते है । इस दिन विद्या की देवी को समस्त देश में पूरे निष्ठा के साथ पूजा जाता है । सभी परिवार देवी सरस्वती की पूजा करते है और उनकी भक्ति में लीन रहते है ।

दोस्तों आपको बसंत पंचमी पर निबंध कैसा लगा अपने सुझाव कमेंट बॉक्स में अवश्य दें मां सरस्वती की कृपा आप पर हमेशा बनी रहे जय मां सरस्वती।

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