
भारत में बेरोजगार की समस्या पर निबंध (300) शब्दों में
किसी भी देश का युवा वर्ग उस देश की रीढ़ की हड्डी होता है। अपने देश के लगभग 60% युवा बेरोजगार हैं। बेरोजगारी किसी भी देश के विकास में बहुत बड़ी बाधा होती है। बेरोजगारी की बढ़ती समस्या लगातार हमारी प्रगति, शांति और स्थिरता के लिए चुनौती बन रही है। भारत में बेरोजगार की समस्या पर निबंध के जरिए हम आज इस समस्या पर रोशनी डालने जा रहे हैं।
बेरोजगारी एक गंभीर समस्या है। यह समस्या शिक्षा की कमी, रोजगार के अवसरों की कमी, क्रिया कौशल की कमी सहित कई कारणों से बढ़ रही है। सरकार ने इस समस्या को रोकने के लिए कई योजनाएं चलाई हैं, लेकिन फिर भी बेरोजगारी कम होने का नाम नहीं ले रही है।
अशिक्षित बेरोजगारों के साथ साथ शिक्षित बेरोजगारों की संख्या भी दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। देश का 90% किसान अपूर्ण या अर्धबेरोजगार है। किसान के पास पूरे साल काम नहीं होता है, वे केवल फसल के समय ही व्यस्त रहते हैं।
बाकी के दिनों में छोटे किसानों के पास कोई काम नहीं होता है। यदि हम बेरोजगारी के कारणों का पता लगाएं तो इसका सबसे पहला व मुख्य कारण जनसंख्या वृद्धि है। इसलिए हमारे देश में रोजगार कम तथा बेरोजगारी अधिक है।
बेरोजगारी का दूसरा कारण हमारे देश की शिक्षा प्रणाली है। भारत में शिक्षा प्रणाली के तहत तकनीकि तथा व्यवसायिक ज्ञान नहीं दिया जाता है जिससे हमारे देश के वो नौजवान जिन्हें सरकारी नौकरी नहीं मिल पाती वे अपने ज्ञान का लाभ उठाकर कोई रोजगार शुरू करें।
बेरोजगारी का तीसरा कारण है हमारे देश के युवा अपने पैतृक व्यवसाय को आगे नहीं बढ़ाना चाहते। आज कल के नौजवान बस सरकारी नौकरी के पीछे भागते रहते हैं, और नतीजा वे न घर के न घाट के।
इस समस्या को जल्दी से जल्दी सुलझाने के लिए सबसे पहले हमें अपने नौजवान साथियों की सोच को बदलना होगा। यह तभी संभव होगा जब हम अपनी शिक्षा प्रणाली में सकारात्मक परिवर्तन लाएं। विद्यालयों में तकनीकी एवं व्यावसायिक ज्ञान पर आधारित शिक्षा दी जाये ताकि नौजवान लड़के-लड़कियां अपने इस ज्ञान का प्रयोग उद्योगों और फैक्ट्रियों में कर सकें और उन्हें आसानी से रोजगार उपलब्ध हो सके।
भारत में बेरोजगारी : समस्या व समाधान
प्रस्तावना : बेरोजगारी किसी भी देश के विकास में सबसे बड़ी रूकावट है। हमारे देश में यह समस्या काफी गंभीर है। शिक्षा का अभाव, रोजगार के अवसरों की कमी, सिर्फ सरकारी नौकरी पाने की चाहत, कुटीर उद्योगों की कमी और तेजी से बढ़ती हुयी जनसख्या बेरोजगारी का सबसे बड़ा कारण है।
यह समस्या केवल देश के आर्थिक विकास की बाधा ही नहीं बल्कि समाज पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है।
भारत में बेरोजगारी के कारण
भारत में बेरोजगारी के निम्नलिखित कारण है :-
- जनसँख्या वृद्धि – हमारा देश जनसँख्या के मामले में विश्व में दूसरे नंबर पर है । जनसंख्या में तेजी से होती वृद्धि बेरोजगारी के प्रमुख कारणों में से एक है। भारत में बेरोजगार Essay on Unemployment
- कुटीर उद्योगों की कमी – कुटीर उद्योगों में कमी भी बेरोजगारी का कारण है। कुटीर उद्योगों में उत्पादन काफी गिर गया है और इस वजह से बहुत से कारीगर बेरोजगार हो गए है।
- शिक्षा प्रणाली – भारत में शिक्षा प्रणाली कौशल विकास के बजाय सैद्धांतिक विषयों पर केंद्रित है। कुशल श्रम शक्ति सिखाने के लिए शिक्षा प्रणाली को सुधारना होगा।
- रोजगार के लिए घूसखोरी – हमारे देश में बेरोजगारी का सबसे बड़ा कारण घूसखोरी है क्योंकि जो काबिल नौजवान होता है उसके पास नौकरी पाने के लिए अधिकारीयों की जेब गरम करने के लिए पर्याप्त धन नहीं होता है। काबिल नौजवान की जगह पैसे वालों के बच्चे नौकरी पाते है जो की इतने कुशल भी नहीं होते है। भारत में बेरोजगार Essay on Unemployment
बेरोजगारी ख़त्म करने के उपाय –
- जनसँख्या पर नियंत्रण – भारत में सरकार को सबसे पहला कदम यह उठाना चाहिए कि जनसंख्या वृद्धि रोकने के लिए कड़े नियम बनाये जैसे दो बच्चे से अधिक होने पर उस परिवार की सारी सुविधाएं बंद कर दी जाएं और उसे किसी भी तरह की रियायत नहीं दी जाये।
- औधोगीकरण – लोगों को अधिक से अधिक रोजगार मिले इसके लिए नयी उद्योग इकाईयां लगाई जाएं। और उन्हें प्रशिक्षित किया जाये।
- घूसखोरी पर पाबन्दी – भारत में बेरोजगार रोकने के लिए सरकार को घूसखोरी के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए। रिश्वत लेने और देने वाले दोनों पक्षों को कठोर दंड का प्रावधान होना चाहिए।
- स्वरोजगार में वृद्धि – भारत के युवा वर्ग को स्वरोजगार पर जोर देना होगा। उन्हें केवल सरकारी नौकरी की उम्मीद न करके अपने कार्य कौशल के अनुरूप रोजगार शुरू करना होगा।
- विदेशी कंपनियां – सरकार को रोजगार की अधिक संभावनाएं पैदा करने के लिए विदेशी कंपनियों को अपने देश में खोलने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
निष्कर्ष – देश में बेरोजगारी की समस्या आज की ही नहीं बल्कि काफी समय से बनी हुई है। हालाँकि आज का युवा वर्ग इस मामले में काफी जागरूक हो गया है। सरकार ने बेरोजगारी को नियंत्रित करने के लिए बहुत सी योजनाएं शुरू की हैं लेकिन परिणाम अभी संतोषजनक नहीं मिले हैं।
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