हेलो दोस्तों! अच्छा आप एक बात बताइए अगर आपको कह दिया जाए की कुछ दिन तक हम खाना नहीं बनाएंगे तो क्या आप खाना छोड़ देंगे, नहीं ना तो ऐसे ही एक मजेदार कहानी आपको बताने जा रहे हैं जिसे आप समझ आयेंगे मेहनत का फल…. एक बार की बात है बादलों की हड़ताल हो गई सभी बादलों ने निर्णय लिया कि वह अगले दस साल पानी नहीं बरसायेंगे।
मेहनत का फल मेहनत का फल
अब भला ऐसा कभी हो सकता है क्या ? लेकिन यह बात जब किसानों ने सुनी तो उन्होंने भी अपने हल वगैरह सब समान बांधकर के रख दिये की भाई 10 साल तक बारिश नहीं होगी तो यह हल वगैरा बाहर क्या पड़े रहेंगे। लेकिन एक किसान ने अपना हल बांध कर नहीं रखा वह अपने नियमानुसार रोजाना खेत पर जाता और अपने सूखे खेत में ही हल चलाते रहता था।
कुछ बादल थोड़ा नीचे से गुजरे और किसान को हल चलाते हुए देख कर उसका मजाक उड़ाने लगे और बोले क्यों भाई पानी तो हम बरसाएंगे नहीं फिर क्यों हल चला रहे हो?
किसान बोला कोई बात नहीं पानी जब बरसेगा तब बरसेगा आपकी मर्जी लेकिन मैं हल चलाऊंगा। और मैं यह हल इसलिए चला रहा हूँ कि दस साल में कहीं मैं हल चलाना न भूल जाऊँ( क्योंकि आप भी कुछ दिन तक पढ़ाई नहीं करते तो आप भी अपना पाठ भूल जाते हैं ना) बादल भी घबरा गए कि कहीं हम भी बरसना न भूल जाएं।
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तो उन्होंने अपना निर्णय बदल लिया और तुरंत बरसने लगे। और उस किसान की मेहनत जीत गई। जिन्होंने सब सामान बांध करके रख दिया वो हाथ मलते ही रह गए, सो इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है की कभी भी किसी के कहने या बहकाने से अपने काम को नहीं रोकना चाहिए, भले ही परिस्थितियां अभी हमारे विपरीत है, लेकिन आने वाला समय निःसंदेह हमारे लिये अच्छा ही होगा।
कहानी से सीख : –
कामयाबी उन्हीं को मिलती है जो विपरीत परिस्थितियों में भी मेहनत करना नहीं छोड़ते हैं।