दोस्तों! आज हम लाए हैं बच्चों के लिए एक छोटी सी कहानी जिसके द्वारा बताया गया है की लालच करना बहुत बुरी बात है लालच के कारण हम बड़ी मुसीबत में भी फंस सकते हैं तो आईए जानते हैं कहानी लालच बुरी बला है…
एक बार एक बंदर था वह बहुत ज्यादा लालची और शैतान था। वह जिस घर में वह घुस जाता उसमें चीजों की तोड़फोड़ और सामान को इधर-उधर फेंकने का काम करता। इस वजह से उस कॉलोनी के सभी लोग परेशान थे सब लोग चाहते थे, कि वह बंदर अगर एक बार पकड़ में आ जाए तो उसको अच्छी तरह सबक सिखाया जाए लेकिन वह बंदर भी बहुत चालाक था। वह अपने शातिर दिमाग से हर बार बच निकलता ह
इस कॉलोनी में राजेश नामक एक चतुर व्यक्ति था। राजेश को उस बंदर के बारे में कोई जानकारी नहीं थी एक दिन वह बंदर राजेश के घर में घुस गया और उसकी फल सब्जियां कुछ खायी, कुछ बर्बाद की और भाग गया। दूसरे दिन वह बंदर फिर राजेश के घर में घुस गया उस दिन राजेश के घर कुछ मेहमान आने वाले थे टेबल पर नाश्ता लगा रखा था बंदर आया और सब कुछ बर्बाद कर दिया।

राजेश को बहुत गुस्सा आया लेकिन तब तक बंदर भाग चुका था अब राजेश ने सोचा ऐसे काम नहीं चलेगा इस बंदर को सबक सिखाना ही पड़ेगा वह बाजार गया और उसने एक छोटे मुंह वाला मटका खरीदा। उस मटके का मुंह इतना छोटा था कि उस मटके में हाथ आसानी से चला तो जा सकता था लेकिन अगर मुट्ठी बनाकर बाहर हाथ निकाला जाए तो हाथ नहीं निकल सकता। राजेश ने वह मटका कमरे के एक कोने में रख दिया और उसमें ढेर सारे चने रख दिए और डंडा लेकर वह छिपकर बैठ गया बंदर ने सोचा यहां कोई नहीं है। जाकर इस मटके से चने निकाल कर खा लूं।
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बंदर ने झट से मटके में हाथ डाल दिया और मुट्ठी भरकर चने बाहर निकालने लगा, लेकिन मटके का मुंह छोटा था अब बंदर का हाथ फंस गया क्योंकि बिना मुट्ठी बनाए हाथ बाहर आ सकता था लेकिन मुट्ठी बनाकर हाथ बाहर नहीं निकल सकता था। बंदर भी लालची ठहरा। वह बार-बार कोशिश करने लगा कि मैं यह चने खाकर ही रहूंगा अब इस उधेड़बुन में बंदर को काफी समय हो गया राजेश यही मौका खोज रहा था। उसने बस आव देखा ना ताव और डंडा लेकर बंदर को मारने झपट पड़ा उसने उसे बंदर की काफी पिटाई की।
लालच बुरी बला है
लेकिन बंदर को यह समझ नहीं आ रहा था कि वह मुट्ठी खोलकर हाथ बाहर निकाल दे। बहुत मार खाने के बाद , बंदर ने सोचा कि अब तो चने छोड़कर भागना ही पड़ेगा तो उसने मुट्ठी खोलकर हाथ बाहर निकाला और वहां से नौ दो ग्यारह हो गया। उस दिन के बाद उस बंदर ने किसी और के घर में घुसने की भी कोशिश नहीं की
शिक्षा-
इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है की लालच आपको बड़ी से बड़ी मुसीबत में फंसा सकता है इसलिए, हमें लालच नहीं करना चाहिए।
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